श्रीमद्‍भगवद्‍गीता | Bhagavad Gita in pdf, Bhagavad Gita book pdf

श्रीमद्‍भगवद्‍गीता तो आपने सुना ही होगा। श्रीमद्‍भगवद्‍गीता का सबंध महाभारत युद्ध से जुड़ा हुआ है, कहा जाता है की जब कौरव और पांच पांडव के युद्ध होने वाला था। तब अपने गुरुजनों,भाई तथा सगे रिश्तेदारों को देख कर अर्जुन लड़ाई करने में तैयार नहीं होता है। उस वक्त श्री कृष्णा ने अर्जुन को उपदेश दिया था,जिसे “श्रीमद्‍भगवद्‍गीता” नाम से जाना जाता है।

TopicBhagavad Gita
ReligionHinduism
FormatAvailable in PDF
PDF Size34.4 MB
Pages428 Pages in PDF

श्रीमद्‍भगवद्‍गीता क्या है?

द्वापर युग में सबसे बड़ा युध्द जो कौरव और पांडव के बीच हुई थी। जिसे आज पूरी दुनिया में ‘महाभारत’ के नाम से जाना जाता है। कहा जाता है की इस युध्द में करोड़ो सिपाही एवं वीरों की मृत्यु हो गयी थी। श्रीमद्‍भगवद्‍गीता का भी सबंध महाभारत के लड़ाई से ही है। महाभारत युध्द शुरू होने से पहले कुरुक्षेत्र में अर्जुन युध्द करने से इनकार करता है और अपने सगे रिश्तेदारों को देख कर भावुक हो जाता है। जबकि कौरव सेना और पांडव की सेना तैयार थी युध्द करने के लिए। ऐसे परिस्थिति को देखते हुए श्री कृष्ण जो अर्जुन का सारथी बना हुआ था। भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को धर्म,कर्तव्य,उचित आदि से सबंधित ज्ञान प्रदान किया था। जिसके बाद अर्जुन युध्द के तैयार हो जाता है। इसी महाज्ञान से भरपूर मार्गदर्शन को ‘श्रीमद्‍भगवद्‍गीता‘ के नाम से जाना जाता है।

Bhagavad Gita

“यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानीं भवति भरत
अभ्युत्थानम् अधर्मस्य तदात्मनम् श्रीजाम्यहम्”

“परित्राणाय सौधुनाम् विनशाय च दुष्कृताम्
धर्मसंस्था पन्नार्थाय संभवामि युगे युगे”

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वैसे तो ‘Bhagavad Gita’ को पुस्तक के माध्यम से पढ़ने पर अधिक सरल और सुविधा होगा। इसके लिए विभिन्न प्रकाशन के द्वारा प्रस्तुत पुस्तकों को ऑनलाइन या फिर बुक स्टोर से खरीद सकते है। हमनें यूजरों के मांग को देखते हुए एक वेबसाइट के लिंक प्रदान किया है। जिसमें श्रीमद्‍भगवद्‍गीता को PDF में डाउनलोड करने का सुविधा उपलब्ध किया गया है।

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Credit: Book Publisher & archive.org

श्रीमद्‍भगवद्‍गीता से ज्ञान

गीता में मनुष्य के धर्म-अधर्म,उचित-अनुचित,कर्म आदि का विस्तार से श्लोक माध्यम से दिया गया है। इसलिए गीता पढ़ने के लिए मनुष्य को प्रेरित किया जाता है। कोई बार मनुष्य अपने काल में संकट आने पर घबरा जाता है। सही मार्ग दिखाई नहीं देता है। उचित निर्णय लेने में असमर्थ होना,अपने कर्तव्य से पीछे हटना आदि स्थिति में गीता के श्लोक मनुष्य को सही कार्य करने के लिए प्रेरित करता है।

FAQs for Bhagavad Gita

Q. श्रीमद्‍भगवद्‍गीता में कितना अध्याय और श्लोक है?

श्रीमद्‍भगवद्‍गीता में अध्याय की संख्या 18 है और श्लोक की संख्या 700 है।

Q. श्रीमद्‍भगवद्‍गीता को प्रथम बार किस भाषा में लिखा गया था?

प्रथम बार इसे संस्कृत भाषा में वेदव्यास द्वारा लिखा गया था।

Q. क्या हमें श्रीमद्‍भगवद्‍गीता को पढ़ना चाहिए?

हाँ, इसमें मनुष्य को मार्गदर्शन प्राप्त होगा। श्रीमद्‍भगवद्‍गीता को सभी को जरूर पढ़ना चाहिए।

अपील: इस लेख में हमें जो ज्ञात है,उसी इन्फॉर्मेशन को ही शेयर किया गया है। यदि किसी वाक्य के वर्णन में गलत लिखा गया हो तो आप हमें कमेंट कर सुधार के लिए अनुरोध कर सकते है। 

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